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मनोहर पोथी के वह लेखक जिन्हें लोग बिहार के द्विवेदी के नाम से जानते थे- सुजाता कुमारी

यह लेख बिहार के द्विवेदी कहे जाने वाले रामलोचन सरन पर है। जिन्होंने बालक और हिमालय जैसी पत्रिका का प्रकाशन किया था

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अपराजिता की कविताएँ

अपराजिता स्वभाव में बहुत ही सरल है, यही कारण है कि उसके शब्द और भाव उसी ढंग की सहजता लिए रहते हैं। आप उसकी यह कविताएँ पढ़ कर उससे बिना मिले

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उत्तर छायावादी/ व्यक्तिवादी/ हालावादी/ धारा के सम्बन्ध में विद्वानों के कथन :-

उत्तर छायावादी/ व्यक्तिवादी/ हालावादी/ धारा के सम्बन्ध में विद्वानों के कथन :- वैयक्तिक कविता छायावाद की अनुजा और प्रगतिवाद की अग्रजा है।-

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कामायनी के संबंध में विभिन्न विद्वानों के मत

यहाँ "कामायनी" जो जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित कृति है। जिसका प्रकाशन 1935 में हुआ था, उसके विषय में विभिन्न विद्वानों के क्या मत थे। वह मौजूद है।

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रेड लाइट एरिया : रश्मि सिंह की कविता

रश्मि सिंह 'महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय बिहार' में शोधार्थी हैं। समाज को देखने का उनका अपना नजरिया है। वे मानती हैं कि - 'आरोपित

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हिंदी साहित्य का इतिहास : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पुस्तक में उल्लेखित सभी पुस्तक एवं रचनाकार का नाम

(प्रथम संस्करण का वक्तव्य) ●ग्रियर्सन – मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ नॉर्दर्न हिंदुस्तान●मिश्रबन्धु- मिश्रबन्धु विनोद◆शुक्ल जी के

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कबिरा खड़ा बज़ार में – भीष्म साहनी : मुख्य अंश

●भीष्म साहनी (1915-2003)●भीष्म साहनी की प्रकाशित पुस्तकों के नाम : भाग्यरेखा, पहला पाठ, भटकती राख, पटरियाँ, वाङ्चू, शोभायात्रा, निशाचर, पाली,

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