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गोदान : प्रेमचंद

होरी (5 बीघे खेत वाला किसान )भोला (पूरवे का ग्वाला)रायसाहब अमरपाल सिंह का चरित्र : साहित्य और संगीत के प्रेमी, ड्रामा के शौकीन, अच्छे वक्ता,

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कफन : प्रेमचंद (RPSC)

झोंपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीवी बुधिया प्रसव-वेदना से पछाड़ खा रही

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गैंग्रीन : अज्ञेय (RPSC)

दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते हुए मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, उसके वातावरण में कुछ ऐसा अकथ्य, अस्पृश्य,

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पुरस्कार कहानी : जयशंकर प्रसाद (Rpsc, Mppsc)

पुरस्कार -जयशंकर प्रसाद आर्द्रा नक्षत्र; आकाश में काले-काले बादलों की घुमड़, जिसमें देव-दुन्दुभी का गम्भीर घोष। प्राची के एक निरभ्र कोने से

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हिन्दी निबंधों में वर्णित शाक्त-मत परंपरा : एक विवेचना – सुजाता कुमारी

इस शोधालेख में हिंदी निबन्धों में शाक्त-मत परंपरा का वर्णन किया गया है। निबन्धों में दर्शन तत्व की प्रधानता है। इसलिए हजारीप्रसाद द्विवेदी,

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